व्यापार और उद्योग के पाँच संकेतक
यह स्लाइडशो विश्व बैंक WDI के पाँच संकेतकों — निर्यात, आयात, विनिर्माण मूल्य-वर्धन, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश और उच्च-प्रौद्योगिकी निर्यात — को एक-एक फ़्रेम में दिखाता है। हर फ़्रेम में देशों की क्रम-सूची, भारत का मान तथा स्थान, और उसका बारह-वर्षीय रुझान एक साथ आते हैं। सभी आंकड़े लेख में उपयोग किए गए एक ही डेटा-सेट से लिए गए हैं।
| Exports of goods and services | 149 | भारत का निर्यात जीडीपी का 21.1618% — 192 देशों में 149वाँ |
| Imports of goods and services | 162 | भारत का आयात जीडीपी का 23.4874% — 192 देशों में 162वाँ |
| Manufacturing value added | 77 | भारत का विनिर्माण मूल्य-वर्धन जीडीपी का 12.6086% — 203 देशों में 77वाँ |
| Foreign direct investment, net inflows | 16 | भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश लगभग 27.14 अरब डॉलर — 204 देशों में 16वाँ |
| High-technology exports | 37 | भारत के विनिर्मित निर्यात में उच्च-प्रौद्योगिकी का हिस्सा 18.5724% — 186 देशों में 37वाँ |
हर फ़्रेम को अलग-अलग पढ़ें: चार संकेतक जीडीपी या निर्यात के प्रतिशत में हैं जबकि विदेशी प्रत्यक्ष निवेश डॉलर में है। तुलना में शामिल देशों की संख्या भी 186 से 204 तक बदलती है, इसलिए फ़्रेमों के बीच मानों या क्रमों की सीधी तुलना न करें।
मुख्य बातें
विश्व बैंक के आंकड़ों में भारत इस विषय पर दो अलग-अलग चेहरे दिखाता है। एक ओर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (शुद्ध अंतर्वाह) में भारत 2024 में लगभग 27.14 अरब डॉलर के साथ 204 देशों में 16वें स्थान पर है, और उच्च-प्रौद्योगिकी उत्पादों का निर्यात-हिस्सा 18.5724% (186 देशों में 37वाँ) है, जो 2013 के 8.8735% से दोगुने से भी अधिक है। दूसरी ओर जीडीपी के अनुपात में मापे जाने वाले संकेतकों में भारत विश्व मान से नीचे है — निर्यात 21.1618% (192 देशों में 149वाँ, विश्व मान 29.1076%) और विनिर्माण मूल्य-वर्धन 12.6086% (203 देशों में 77वाँ, विश्व मान 14.9944%)। यानी निरपेक्ष आकार वाले संकेतक में भारत ऊपर की ओर है, जबकि अनुपात वाले संकेतकों में मध्य से नीचे। ये सभी आंकड़े नामिक मूल्यों पर आधारित अनुपात हैं, इसलिए इन्हें कारण-निष्कर्ष के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।
स्रोत: विश्व बैंक WDI — Exports of goods and services (% of GDP)(NE.EXP.GNFS.ZS), Manufacturing, value added (% of GDP)(NV.IND.MANF.ZS), High-technology exports (% of manufactured exports)(TX.VAL.TECH.MF.ZS), Foreign direct investment, net inflows (BoP, current US$)(BX.KLT.DINV.CD.WD)
प्रमुख संकेतक का नवीनतम मान
इस संग्रह का पहला संकेतक वस्तु एवं सेवा निर्यात, जीडीपी के प्रतिशत के रूप में है। भारत का मान 2024 में 21.1618% है और तुलना में शामिल 192 देशों में उसका स्थान 149वाँ है। विश्व मान 29.1076% है, यानी भारत उससे लगभग 7.9 प्रतिशत अंक नीचे है। 192 देशों की सूची में 149वाँ स्थान नीचे से गिनने पर 44वाँ बैठता है, इसलिए क्रम की दृष्टि से भारत निचले तिहाई के करीब है। फिर भी मान स्वयं 21% से ऊपर है, जो सूची के सबसे निचले देशों के एक अंक वाले मानों से स्पष्ट रूप से भिन्न स्तर है — क्रम और मान को एक ही बात मान लेना यहाँ भ्रामक होगा।
स्रोत: विश्व बैंक WDI — Exports of goods and services (% of GDP)(NE.EXP.GNFS.ZS)
शीर्ष और निचले पायदान के देश
निर्यात-अनुपात में सबसे ऊपर लग्ज़मबर्ग 191.533%, सैन मेरीनो 185.9928%, हाँग काँग 181.7913%, सिंगापुर 178.7763% और आयरलैंड 143.9846% हैं; वियतनाम 90.1542% के साथ 12वें स्थान पर है। सबसे नीचे सूडान 0.7209%, हैती 3.4008%, इथियोपिया 5.5393%, किरिबाती 5.9202% और सीरिया 6.8101% हैं, और भारत का पड़ोसी नेपाल 7.6219% के साथ 187वें स्थान पर है। ऊपर के पायदान पर छोटी अर्थव्यवस्थाएँ तथा पुनर्निर्यात और वित्तीय केंद्र अधिक दिखते हैं, जहाँ अनुपात 100% से भी ऊपर चला जाता है; नीचे के पायदान पर घरेलू मांग-प्रधान या अस्थिर परिस्थिति वाले देश अधिक हैं। भारत 149वें स्थान के साथ निचले हिस्से की ओर है, पर उसका मान इन दोनों छोरों के बीच है।
स्रोत: विश्व बैंक WDI — Exports of goods and services (% of GDP)(NE.EXP.GNFS.ZS)
पिछले दस वर्षों में क्या बदला
भारत का निर्यात-अनुपात 2013 में 25.4309% था, 2019 में 18.6643% तक गिरा, 2022 में 23.2515% तक लौटा और 2024 में 21.1618% रहा — बारह वर्षों में कुल मिलाकर लगभग 4.3 प्रतिशत अंक नीचे। आयात-अनुपात 2013 के 28.4133% से 2020 में 19.0756% तक गिरा, 2022 में 26.8237% पर पहुँचा और 2024 में 23.4874% रहा। विनिर्माण मूल्य-वर्धन 2015 के 15.5839% से घटकर 2024 में 12.6086% पर आया। इसके विपरीत उच्च-प्रौद्योगिकी निर्यात-हिस्सा 2017 के 7.3621% के निचले स्तर से लगातार बढ़ते हुए 2022 में 12.6823%, 2023 में 14.9343% और 2024 में 18.5724% हो गया। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश 2020 में लगभग 64.36 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर पर था और 2024 में लगभग 27.14 अरब डॉलर रहा, जो 2013 के लगभग 28.15 अरब डॉलर के आसपास है। इन उतार-चढ़ावों के कारणों का निर्धारण इन आंकड़ों से संभव नहीं है।
स्रोत: विश्व बैंक WDI — NE.EXP.GNFS.ZS, NE.IMP.GNFS.ZS, NV.IND.MANF.ZS, TX.VAL.TECH.MF.ZS, BX.KLT.DINV.CD.WD
पड़ोसी और तुलनीय देशों से तुलना
निर्यात-अनुपात में दक्षिण कोरिया 44.3582% (68वाँ), जर्मनी 41.4341% (84वाँ), फ़्रांस 33.8898%, यू॰के॰ 30.9842%, जापान 22.769% (141वाँ) के मुकाबले भारत 21.1618% (149वाँ) है; चीन 20.0229% और अमेरिका 11.1075% भारत से नीचे हैं — यानी भारत जापान के काफी करीब और चीन से थोड़ा ही ऊपर है, पर कोरिया के आधे से कम। आयात में भी भारत 23.4874% के साथ जापान 23.638% के लगभग बराबर है, जबकि चीन 17.1755%, बांग्लादेश 16.3169% और पाकिस्तान 17.188% उससे नीचे हैं। विनिर्माण में भारत 12.6086% के साथ कोरिया 26.618%, चीन 24.8692%, वियतनाम 24.4304%, जापान 20.581% और जर्मनी 18.0067% से नीचे, पर अमेरिका 10.7104%, फ़्रांस 9.5665% और यू॰के॰ 7.985% से ऊपर है। उच्च-प्रौद्योगिकी हिस्से में भारत 18.5724% के साथ जर्मनी 17.9773% और जापान 17.5547% से ऊपर, पर कोरिया 36.2583%, चीन 26.2777% और अमेरिका 24.323% से नीचे है। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में भारत लगभग 27.14 अरब डॉलर के साथ चीन (लगभग 18.56 अरब) और जापान (लगभग 16.16 अरब) से आगे है, पर अमेरिका के लगभग 297.06 अरब डॉलर से बहुत पीछे।
स्रोत: विश्व बैंक WDI — NE.EXP.GNFS.ZS, NE.IMP.GNFS.ZS, NV.IND.MANF.ZS, TX.VAL.TECH.MF.ZS, BX.KLT.DINV.CD.WD
इन आंकड़ों को कैसे पढ़ें
निर्यात, आयात और विनिर्माण के आंकड़े जीडीपी के अनुपात हैं, इसलिए बड़ी घरेलू अर्थव्यवस्था वाले देशों में ये स्वाभाविक रूप से नीचे आते हैं; इन्हें व्यापार की निरपेक्ष मात्रा या प्रतिस्पर्धात्मकता का पैमाना मानना उचित नहीं। पुनर्निर्यात केंद्रों में यह अनुपात 100% से ऊपर भी जा सकता है, जैसा लग्ज़मबर्ग या हाँग काँग में दिखता है। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश अमेरिकी डॉलर में मापा गया शुद्ध अंतर्वाह है, जो ऋणात्मक भी हो सकता है — स्विट्ज़रलैंड लगभग -108.40 अरब और हंगरी लगभग -62.19 अरब डॉलर इसके उदाहरण हैं, और इसका अर्थ निवेश का अभाव नहीं होता; इसमें वर्ष-दर-वर्ष उतार-चढ़ाव भी बड़ा रहता है। उच्च-प्रौद्योगिकी निर्यात "विनिर्मित निर्यात में हिस्सा" है, तकनीकी स्तर का सीधा माप नहीं। तुलना में शामिल देशों की संख्या संकेतकों के अनुसार 186, 192, 203 और 204 है, इसलिए अलग-अलग संकेतकों के क्रमों की सीधी तुलना नहीं की जा सकती। सभी आंकड़े विश्व बैंक WDI से हैं, वार्षिक रूप से अद्यतन होते हैं और पूर्वव्यापी संशोधन संभव है।
स्रोत: विश्व बैंक WDI — NE.EXP.GNFS.ZS, NE.IMP.GNFS.ZS, NV.IND.MANF.ZS, TX.VAL.TECH.MF.ZS, BX.KLT.DINV.CD.WD
वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात (GDP का %) को मानचित्र और ग्राफ़ में देखें
| क्रम | देश / क्षेत्र | % |
|---|---|---|
| 1 | लग्ज़मबर्ग | 191.53 |
| 2 | सैन मेरीनो | 185.99 |
| 3 | हाँग काँग | 181.79 |
| 4 | सिंगापुर | 178.78 |
| 5 | आयरलैंड | 143.98 |
| 147 | रूस | 21.92 |
| 148 | बोलीविया | 21.44 |
| 149 | भारत | 21.16 |
| 150 | फ़िलिस्तीन | 21.04 |
| 151 | चीन | 20.02 |
| 190 | इथियोपिया | 5.54 |
| 191 | हैती | 3.4 |
| 192 | सूडान | 0.72 |
सूची के ऊपरी छोर पर लग्ज़मबर्ग 191.533% और हाँग काँग 181.7913% जैसे छोटे व पुनर्निर्यात-प्रधान क्षेत्र हैं, निचले छोर पर सूडान 0.7209% और नेपाल 7.6219%। भारत 149वें स्थान पर निचले हिस्से की ओर है, पर एक अंक वाले मानों से काफी ऊपर।
रुझान रेखा 2013 के 25.4309% से 2019 के 18.6643% तक गिरावट और फिर 2022 में 23.2515% तक वापसी दिखाती है। पट्टी-चार्ट में ऊपरी और निचले देशों के बीच का अंतर सौ गुना से भी अधिक है।
देश चुनकर तुलना करें
वस्तुओं और सेवाओं का आयात (GDP का %)
| क्रम | देश / क्षेत्र | % |
|---|---|---|
| 1 | हाँग काँग | 177.72 |
| 2 | लग्ज़मबर्ग | 159.74 |
| 3 | सैन मेरीनो | 154.99 |
| 4 | सिंगापुर | 143.6 |
| 5 | जिबूती | 114.82 |
| 160 | उरूग्वे | 23.7 |
| 161 | जापान | 23.64 |
| 162 | भारत | 23.49 |
| 163 | ज़िम्बाब्वे | 23.44 |
| 164 | सिएरा लियोन | 23.28 |
| 190 | तुर्कमेनिस्तान | 11.16 |
| 191 | वेनेज़ुएला | 9.22 |
| 192 | सूडान | 1.27 |
ऊपर हाँग काँग 177.7154% और लग्ज़मबर्ग 159.735% हैं, नीचे सूडान 1.2745%, वेनेज़ुएला 9.2213% और अमेरिका 14.2712%। भारत 162वें स्थान पर है, चीन 17.1755% और बांग्लादेश 16.3169% उससे नीचे।
रेखा 2020 के 19.0756% के निचले स्तर से 2022 के 26.8237% तक चढ़कर फिर 23.4874% पर आती है। बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ यहाँ सूची के निचले हिस्से में जमा दिखती हैं।
विनिर्माण मूल्य वर्धन (GDP का %)
| क्रम | देश / क्षेत्र | % |
|---|---|---|
| 1 | पोर्टो रिको | 44.14 |
| 2 | लिचेंस्टीन | 34.17 |
| 3 | सैन मेरीनो | 31.77 |
| 4 | आयरलैंड | 29.57 |
| 5 | एस्वाटिनी | 29.12 |
| 75 | कोसोवो | 12.62 |
| 76 | किर्गिज़स्तान | 12.61 |
| 77 | भारत | 12.61 |
| 78 | डोमिनिकन गणराज्य | 12.46 |
| 79 | कज़ाखस्तान | 12.39 |
| 201 | माइक्रोनेशिया | 0.51 |
| 202 | तुर्क और कैकोज़ द्वीपसमूह | 0.45 |
| 203 | बरमूडा | 0.33 |
शीर्ष पर पोर्टो रिको 44.1443%, दक्षिण कोरिया 26.618% और चीन 24.8692% हैं; सबसे नीचे बरमूडा 0.3311% और मकाऊ 0.7613% जैसे सेवा-प्रधान क्षेत्र। भारत 77वें स्थान पर मध्य में है — जापान 20.581% से नीचे, पर अमेरिका 10.7104% से ऊपर।
रुझान 2015 के बाद से धीमी गिरावट दिखाता है, 2024 में 12.6086%। पट्टियों में एशियाई विनिर्माण-प्रधान देश ऊपर और द्वीपीय अर्थव्यवस्थाएँ नीचे अलग-अलग समूहों में बँटी दिखती हैं।
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, शुद्ध अंतर्वाह
| क्रम | देश / क्षेत्र | US$ |
|---|---|---|
| 1 | अमेरिका | 297,058,000,000 |
| 2 | सिंगापुर | 135,077,157,183 |
| 3 | हाँग काँग | 125,820,976,920 |
| 4 | लग्ज़मबर्ग | 105,986,643,430 |
| 5 | ब्राज़ील | 74,090,786,050 |
| 14 | स्पेन | 42,778,827,261 |
| 15 | माल्टा | 42,586,013,467 |
| 16 | भारत | 27,139,853,378 |
| 17 | स्वीडन | 27,034,877,941 |
| 18 | इटली | 26,903,748,175 |
| 202 | हंगरी | -62,190,710,104 |
| 203 | लिचेंस्टीन | -87,212,093,508 |
| 204 | स्विट्ज़रलैंड | -108,395,568,634 |
शीर्ष पर अमेरिका लगभग 297.06 अरब और सिंगापुर लगभग 135.08 अरब डॉलर हैं; निचले छोर पर स्विट्ज़रलैंड लगभग -108.40 अरब और हंगरी लगभग -62.19 अरब डॉलर, यानी ऋणात्मक मान। भारत 16वें स्थान पर चीन और जापान से आगे है।
रेखा 2020 के लगभग 64.36 अरब डॉलर के शिखर से 2024 के लगभग 27.14 अरब डॉलर तक उतरती है। यह इकलौता फ़्रेम है जिसमें ऋणात्मक मान भी हैं, इसलिए पट्टियाँ दोनों दिशाओं में फैली हैं।
उच्च प्रौद्योगिकी निर्यात
ऊपर कैमेन द्वीपसमूह 85.5232%, हाँग काँग 75.5707%, फ़िलिपींस 60.9753% और वियतनाम 44.2569% हैं; नीचे भूटान 0.0107% और मालदीव 0.0023% जैसे पड़ोसी देश। भारत 37वें स्थान पर जर्मनी 17.9773% और जापान 17.5547% से ऊपर है।
रुझान 2017 के 7.3621% से लगातार ऊपर की ओर है — 2022 में 12.6823%, 2023 में 14.9343%, 2024 में 18.5724%। यह हिस्सेदारी का माप है, तकनीकी स्तर का नहीं।